उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के बीच मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन कोहरे और प्रदूषण ने राहत की सांस लेने नहीं दी। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में 21 जनवरी तक घना कोहरा छाया रह सकता है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में आज भी कोहरे का असर बने रहने की आशंका है। हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में 20 से 22 जनवरी के बीच शीतलहर चलने का अनुमान है।
आईएमडी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक श्रीनगर में पारा माइनस 1.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले माइनस 4.7 डिग्री था। पंजाब के अमृतसर में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री रहा, जबकि हरियाणा के भिवानी में 3 डिग्री और गुरुग्राम में 5.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री रहा। राजस्थान के ज्यादातर शहरों में भी पारा 10 डिग्री के ऊपर पहुंच गया है, हालांकि अलवर में 7.2 डिग्री के साथ ठंड का असर बरकरार है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार लगातार तीन पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, जिनके कारण अगले एक हफ्ते में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और आसपास के मैदानी इलाकों में बारिश के आसार हैं। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 20 से 22 जनवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 23 जनवरी को ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात की चेतावनी जारी की गई है, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।
मैदानी इलाकों में सबसे बड़ी चुनौती घना कोहरा बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दृश्यता बेहद कम दर्ज की जा रही है। दिल्ली-एनसीआर में भी सुबह और रात के समय कोहरे के कारण यातायात धीमा पड़ रहा है। इस बीच वायु प्रदूषण ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। दिल्ली का एक्यूआई 410, नोएडा का 412 और गाजियाबाद का 425 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के सख्त प्रतिबंधों के बावजूद हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि कोहरे और प्रदूषण का यह मिश्रण स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। सांस के साथ फेफड़ों में पहुंचने वाले सूक्ष्म कण खांसी, दमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों की परेशानी बढ़ा सकते हैं। आंखों में जलन, सीने में जकड़न और सांस फूलने जैसी शिकायतें आम हो रही हैं। विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और हृदय रोगियों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और पर्याप्त गर्म कपड़े इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 24–25 जनवरी के बाद ही कोहरे और ठंड की स्थिति में स्पष्ट सुधार देखने को मिल सकता है। तब तक उत्तर भारत को सतर्क और संभलकर रहने की जरूरत है।